मैडम क्यूरी: इश्क़ और रेडिएशन “मैडम क्यूरी, मैं अल्बर्ट आइन्स्टीन हूँ”मेरी क्यूरी ने चौंककर पीछे देखा. Tuesday, 4 July 2017 read
मन के कोने मेरे मन में ढेर सारे कोने हैं मैं कुछ कोनों को जानता हूँ और कुछ कोने मुझे Thursday, 4 May 2017 read
'आवाजें सूखती हैं पहले और फिर जा झुलसती हैं' अभी अभी संजीव का उपन्यास पढ़ा - 'फाँस'. इस किताब से गुज़रते हुए जो अनुभूतियाँ हुई हैं, Sunday, 26 March 2017 read
एक Unlearner की डायरी - 2 “Truth is Subjective.” इतना कहकर वह हौले से मुस्कुराया. एक क्षण को सन्नाटा छा गया. Wednesday, 30 November 2016 read
आवाजें.. वे किस्से सुनाती हैंअंधेरों के बिखरने की रौशनी के रेशे उधेड़ कर देखती हैं अनगिनत बंद दरवाज़े पागलों सी आवाजें कौन आवाजें? आवाजें.. Wednesday, 21 September 2016 read