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मन के कोने


मेरे मन में ढेर सारे कोने हैं
मैं कुछ कोनों को जानता हूँ
और कुछ कोने मुझे

Thursday, 4 May 2017



उम्मीद




पार्क की उस बेंच के नीचे एक कोने पर दूब उग आई थी.

Wednesday, 18 January 2017



एक Unlearner की डायरी - 2

“Truth is Subjective.”

इतना कहकर वह हौले से मुस्कुराया. एक क्षण को सन्नाटा छा गया.

Wednesday, 30 November 2016



आवाजें..


वे किस्से सुनाती हैं
अंधेरों के बिखरने की
रौशनी के रेशे उधेड़ कर देखती हैं
अनगिनत बंद दरवाज़े
पागलों सी आवाजें

कौन आवाजें?
आवाजें..

Wednesday, 21 September 2016